मुंबई 02/01/2026:
मुंबई महानगरपालिका की 15 जनवरी को होने वाली चुनाव को लेकर चारकोप के वार्ड क्रमांक 30 में चुनावी रंग चढ़ चुका है। इस वार्ड में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

नई मतदाता सूची के अनुसार वार्ड 30 में करीब 55,000 मतदाता पंजीकृत हैं। यहां गुजराती, उत्तर भारतीय, मराठी, साउथ इंडियन, तमिल और ईसाई समुदाय के मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या है। इस विविध सामाजिक समीकरण के कारण शुरुआत से ही सभी राजनीतिक दलों की नजर इस वार्ड पर टिकी हुई है।

चुनाव की घोषणा के बाद से ही यह वार्ड खास चर्चा में रहा है। शुरुआत में भाजपा की ओर से ब्रह्मसमाज के मिहिर आचार्य का नाम लगभग तय माना जा रहा था और उनकी तैयारी भी शुरू हो चुकी थी। सूत्रों के मुताबिक स्थानीय विधायक का भी उन्हें पूरा समर्थन था। हालांकि, नामांकन की अंतिम तिथि के दिन अचानक आचार्य का नाम काटकर किसी अन्य उम्मीदवार को टिकट दे दिया गया। इस फैसले से स्थानीय कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में भारी नाराजगी फैलने की चर्चा है।

इस बीच पेशे से डॉक्टर और समाजसेवा की स्वच्छ छवि रखने वाले डॉ. दिवाकर पाटील का पलड़ा भारी होता नजर आ रहा है। वार्ड में कुल 5 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां आम आदमी पार्टी ने गुजराती समुदाय से उम्मीदवार उतारा है, जबकि भाजपा ने जैन समाज के उम्मीदवार को टिकट दिया है। वहीं डॉ. दिवाकर पाटील शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की आघाड़ी के संयुक्त उम्मीदवार हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस का अपना उम्मीदवार न होने के कारण कांग्रेस के कार्यकर्ता और मतदाता भी स्वच्छ व ईमानदार छवि वाले डॉ. दिवाकर पाटील की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।

डॉ. दिवाकर दलपत पाटील (बीएचएमएस, ईएमएस) को लेकर जनमत यह है कि वे पिछले 15 वर्षों से एक समर्पित चिकित्सक के रूप में निस्वार्थ सेवा के लिए जाने जाते हैं। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार चारकोप वार्ड नंबर 30 की चुनावी लड़ाई बेहद रोचक और निर्णायक साबित होगी।