मुंबई  02/01/2026 :
मुंबई महानगरपालिका के मालाड स्थित वार्ड नंबर 47 में कुल नौ उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला कांग्रेस, भाजपा और शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवारों के बीच त्रिपक्षीय है। नई मतदाता सूची के अनुसार यहां लगभग 52,975 मतदाता पंजीकृत हैं।

वर्ष 2012 की महानगरपालिका चुनाव में वार्ड 31 में हुए त्रिपक्षीय मुकाबले में कांग्रेस के परमिंदर सिंह भामरा ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को मामूली मतों के अंतर से हराया था। एक बार फिर आगामी 15 जनवरी को होने वाले चुनाव में वार्ड 47 में भी परमिंदर सिंह भामरा के सामने उनके विरोधी उम्मीदवार हैं, जिससे राजनीतिक विश्लेषक इतिहास के दोहराव की संभावना जता रहे हैं।

इस चुनाव में जिस उम्मीदवार को वार्ड 31 में हराया गया था, वही अब वार्ड 47 में भी उनके सामने मैदान में है। इसी कारण मतदाताओं में परमिंदर सिंह भामरा को जगह-जगह स्वागत मिल रहा है। इसके अलावा कांग्रेस विधायक असलम शेख के कार्यों के चलते भी मतदाता भामरा के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

विशाल नगर से व्हिस्परिंग हाइट्स तक पोइसर नदी के किनारे गोरेगांव लिंक रोड पर जॉगिंग ट्रैक के साथ एक सुंदर वॉटरफ्रंट विकसित किया जाएगा। लिंक रोड के ट्रैफिक को पीछे के डीपी रोड पर स्थानांतरित किया जाएगा। कोस्टल रोड परियोजना की प्रगति को तेज किया जाएगा। मित्तल कॉलेज के पास सुंदरलेन-मार्वे रोड जंक्शन पर ट्रैफिक का बॉटलनेक हटाया जाएगा। इसके साथ ही लिबर्टी गार्डन, महाराणा प्रताप ग्राउंड और कोली समाज हॉल पर ट्रैफिक सिग्नल, इन्फिनिटी से मालवणी तक कच्चे रास्ते के पुल का कार्य जैसे आवश्यक विकास कार्य करने के लिए भामरा प्रतिबद्ध हैं।

इस वार्ड में फुटपाथ समतल नहीं हैं, हॉकर्स-मुक्त सड़कें नहीं हैं, स्लम क्षेत्रों में स्वच्छ पानी की व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, सीसीटीवी कैमरे और सड़क से जुड़े कई बुनियादी कार्य अभी भी लंबित हैं। वहीं, परमिंदर सिंह भामरा ने अपने कार्यकाल के दौरान कई सामाजिक और धार्मिक निर्माण कार्य कराए हैं, जिनमें मालाड वेस्ट में नरशी लेन, भद्रन नगर और मार्वे रोड पर तीन जैन देरासर, बालासिंग चॉल, भगवान महावीर रोज गार्डन और मरियम चौक शामिल हैं।

अब उनके सामने पोइसर नदी पर जॉगिंग ट्रैक के साथ वॉटरफ्रंट, लिंक रोड के ट्रैफिक को डीपी रोड की ओर मोड़ना, कोस्टल रोड की तेज प्रगति, सुंदरलेन-मार्वे रोड जंक्शन और मित्तल कॉलेज का बॉटलनेक हटाना तथा इन्फिनिटी से मालवणी पुल के काम को तेज करने जैसी प्रमुख चुनौतियां हैं।